➤ सात जिलों में अगले तीन घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
➤ 21 जून तक प्रदेश में बारिश और खराब मौसम के आसार
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राजधानी शिमला में सोमवार शाम करीब चार बजे के बाद शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। लगातार बरसात के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों और स्कूली बच्चों को घर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बारिश के साथ-साथ कुफरी, फागू, चौपाल और आसपास के इलाकों में भारी ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। अचानक हुई ओलावृष्टि से बागवानों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई क्षेत्रों में फसलों और बागानों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं किन्नौर में भी सुबह के समय ओलावृष्टि होने की सूचना मिली है।
मौसम विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के लिए रात नौ बजे तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकालने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई है।
लाहौल-स्पीति और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्के हिमपात की भी संभावना जताई गई है। इससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 21 जून तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके साथ ही मानसून की दस्तक भी 20 जून के बाद कभी भी हो सकती है। सामान्य तौर पर हिमाचल में मानसून 22 से 25 जून के बीच पहुंचता है और इस बार भी इसके तय समय के आसपास आने के संकेत मिल रहे हैं।
बारिश से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। हमीरपुर, कांगड़ा, भुंतर और मनाली सहित कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में तेज उछाल देखा गया। हालांकि अब बारिश के कारण तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।



